Hindi Poems

Collection by Indu Grover

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Indu Grover
पढाई-डिग्री सब धरी रह गई, कैसे ये लड़की छड़ी रह गई – क्या आज भी शादी एक औरत की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मक़सद है?

मेरी एक सहेली कुँवारी रह गई, दुनिया की नज़र में 'बेचारी' रह गयी!

पढाई-डिग्री सब धरी रह गई, कैसे ये लड़की छड़ी रह गई – क्या आज भी शादी एक औरत की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मक़सद है?

पढाई-डिग्री सब धरी रह गई, कैसे ये लड़की छड़ी रह गई – क्या आज भी शादी एक औरत की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मक़सद है?

मेरी एक सहेली कुँवारी रह गई, दुनिया की नज़र में 'बेचारी' रह गयी!

पढाई-डिग्री सब धरी रह गई, कैसे ये लड़की छड़ी रह गई – क्या आज भी शादी एक औरत की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मक़सद है?

मेरी एक सहेली कुँवारी रह गई, दुनिया की नज़र में 'बेचारी' रह गयी!

पढाई-डिग्री सब धरी रह गई, कैसे ये लड़की छड़ी रह गई - क्या आज भी शादी एक औरत की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मक़सद है?

'चाहती हूं नफरत  करुं  उससे ,पर  फिर  भी  यादों  से  उसी   की  ही  दिल  उमड़ा  पड़ा  है’- एक कविता Poems, Vase, Home Decor, Decoration Home, Poetry, Flower Vases, Interior Design, Home Interior Design, Poem

अल्हड़ प्यार

'चाहती हूं नफरत करुं उससे ,पर फिर भी यादों से उसी की ही दिल उमड़ा पड़ा है’- एक कविता

समय शाश्वत है , जो जीवन बीत गया सो बीत  गया, पर अब भी सही मायने  में जीवन जिया  जा सकता है – यह प्रेरणा देती एक कविता।

जीवन का अक्स

समय शाश्वत है , जो जीवन बीत गया सो बीत गया, पर अब भी सही मायने में जीवन जिया जा सकता है – यह प्रेरणा देती एक कविता।

यह कविता कहती है कि फ़ेसबुक  पर जो दिखता है वह हमेशा सच नहीं होता और हमें  उससे ज़्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए।

फेसबुक के मुखौटे

यह कविता कहती है कि फ़ेसबुक पर जो दिखता है वह हमेशा सच नहीं होता और हमें उससे ज़्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए।

यह कविता कहती है कि फ़ेसबुक  पर जो दिखता है वह हमेशा सच नहीं होता और हमें  उससे ज़्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए।

फेसबुक के मुखौटे

यह कविता कहती है कि फ़ेसबुक पर जो दिखता है वह हमेशा सच नहीं होता और हमें उससे ज़्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए।